🔹 May 2026 Festival Calendar: मई 2026 में कौन-कौन से प्रमुख व्रत और त्यौहार हैं?
मई 2026 धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण महीना माना जा रहा है। इस महीने वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा), अपरा एकादशी, ज्येष्ठ अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी जैसे महत्वपूर्ण व्रत और त्यौहार पड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त 17 मई 2026 से अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ होने के कारण यह महीना साधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखता है।

यदि आप मई 2026 के सभी व्रत, एकादशी, पूर्णिमा और प्रमुख पर्वों की तिथियाँ जानना चाहते हैं, तो नीचे पूरा कैलेंडर दिया गया है।
🔹 मई 2026 के सबसे महत्वपूर्ण पर्व (Quick Festival Summary)
| प्रमुख पर्व | तिथि |
|---|---|
| बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) | 1 मई 2026 |
| अंगारकी चतुर्थी / संकष्टी गणेश चतुर्थी | 5 मई 2026 |
| अपरा एकादशी | 13 मई 2026 |
| ज्येष्ठ अमावस्या | 16 मई 2026 |
| वट सावित्री व्रत | 16 मई 2026 |
| शनि जयंती | 16 मई 2026 |
| गंगा दशहरा | 25 मई 2026 |
| पद्मिनी एकादशी | 27 मई 2026 |
| ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा | 30 मई 2026 |
यह सभी तिथियाँ हिंदू पंचांग में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं और इनसे जुड़े व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान देशभर में श्रद्धा के साथ किए जाते हैं।
Table of Contents
May 2026 Festival Calendar: मई 2026 का सम्पूर्ण व्रत एवं त्यौहार कैलेंडर
नीचे मई 2026 में आने वाले प्रमुख व्रत, पर्व और धार्मिक तिथियों की विस्तृत सूची दी गई है। यह तालिका वैदिक चंद्र पंचांग के आधार पर तैयार की गई है, इसलिए विभिन्न क्षेत्रों के पंचांग के अनुसार तिथियों में हल्का अंतर संभव है।
| तिथि (2026) | वार | व्रत / त्यौहार |
|---|---|---|
| 1 मई | शुक्रवार | बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा व्रत, चित्रा पूर्णिमा, कूर्म जयंती, चंडिका जयंती, मजदूर दिवस |
| 2 मई | शनिवार | नारद जयंती |
| 3 मई | रविवार | विश्व हास्य दिवस |
| 5 मई | मंगलवार | अंगारकी चतुर्थी, संकष्टी गणेश चतुर्थी |
| 7 मई | गुरुवार | रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती |
| 9 मई | शनिवार | कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी |
| 10 मई | रविवार | मातृ दिवस |
| 12 मई | मंगलवार | हनुमान जयंती (तेलुगु परंपरा) |
| 13 मई | बुधवार | अपरा एकादशी, भद्रकाली जयंती |
| 14 मई | गुरुवार | प्रदोष व्रत |
| 15 मई | शुक्रवार | वृषभ संक्रांति, मासिक शिवरात्रि |
| 16 मई | शनिवार | ज्येष्ठ अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती |
| 17 मई | रविवार | अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ |
| 18 मई | सोमवार | रोहिणी व्रत |
| 20 मई | बुधवार | चतुर्थी व्रत |
| 23 मई | शनिवार | दुर्गाष्टमी व्रत |
| 25 मई | सोमवार | गंगा दशहरा |
| 27 मई | बुधवार | पद्मिनी एकादशी |
| 28 मई | गुरुवार | प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष) |
| 30 मई | शनिवार | ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा, सत्यानारायण पूजा |
| 31 मई | रविवार | विश्व तंबाकू निषेध दिवस |
मई 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास का विस्तृत धार्मिक महत्व
मई 2026 हिंदू धार्मिक कैलेंडर के अनुसार अत्यंत महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। इस महीने की शुरुआत वैशाख पूर्णिमा से होती है, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।
मई महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व आते हैं जैसे अपरा एकादशी, ज्येष्ठ अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और गंगा दशहरा। ये सभी पर्व हिंदू धर्म में विशेष पूजा, उपवास और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े हुए हैं।
मई 2026 के मध्य से प्रारंभ होने वाला अधिक ज्येष्ठ मास इस पूरे महीने को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। वैदिक पंचांग में जब किसी चंद्र मास के भीतर सूर्य का कोई संक्रांति परिवर्तन नहीं होता, तब उस मास को अधिक मास कहा जाता है। यह लगभग प्रत्येक 32 से 33 महीनों में एक बार आता है और इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।
वर्ष 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास का प्रारंभ 17 मई से माना जा रहा है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य सामान्यतः स्थगित रखे जाते हैं, परंतु जप, तप, दान, व्रत और भगवान विष्णु की उपासना को विशेष फलदायी बताया गया है। धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि अधिक मास में किया गया पुण्य कई गुना फल देता है।
इस मास में आने वाली पद्मिनी एकादशी और अधिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। भक्त इस समय गीता पाठ, विष्णु सहस्रनाम, सत्संग, तीर्थ स्नान और दान को प्राथमिकता देते हैं। अनेक स्थानों पर विशेष कथा, भजन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
अधिक मास का उद्देश्य चंद्र और सौर वर्ष के अंतर को संतुलित करना है, परंतु धार्मिक दृष्टि से यह आत्मचिंतन और साधना का समय माना जाता है। अतः मई 2026 केवल त्यौहारों का महीना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का अवसर भी है।
मई 2026 की एकादशी व्रत तिथियाँ
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और भक्त को आध्यात्मिक शांति तथा पुण्य प्राप्त होता है। मई 2026 में दो प्रमुख एकादशी तिथियाँ पड़ रही हैं।
🔹 तिथि
- 13 मई 2026 — अपरा एकादशी
- 27 मई 2026 — पद्मिनी एकादशी (अधिक मास विशेष)
अपरा एकादशी को पाप नाशिनी एकादशी भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। कई श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं और विष्णु सहस्रनाम या भगवद्गीता का पाठ करते हैं।
पद्मिनी एकादशी अधिक मास में आने वाली विशेष एकादशी है। अधिक मास में दो प्रमुख एकादशी मानी जाती हैं — पद्मिनी और परमा। पद्मिनी एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है।
🔹 पारण समय
- एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में प्रातः काल किया जाता है।
- सही पारण समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।
मई 2026 की पूर्णिमा और अमावस्या तिथियाँ
हिंदू पंचांग में पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथियों का विशेष धार्मिक महत्व होता है। पूर्णिमा के दिन देवताओं की पूजा, दान और स्नान का विशेष महत्व माना जाता है, जबकि अमावस्या पितृ तर्पण और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। मई 2026 में ये दोनों तिथियाँ विशेष रूप से अधिक मास के कारण और भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
🔹 तिथि
- 1 मई 2026 — वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा)
- 16 मई 2026 — ज्येष्ठ अमावस्या
- 30 मई 2026 — ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा
वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। यह भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी पवित्र तिथि है। इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
16 मई को ज्येष्ठ अमावस्या आएगी। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान करना शुभ माना जाता है। कई स्थानों पर इसी दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी मनाई जाती है।
महीने के अंत में आने वाली ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा को अधिक मास की पूर्णिमा माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, सत्यानारायण कथा और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।
मई 2026 के प्रमुख पर्वों का महत्व
मई 2026 में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व मनाए जाएंगे जिनका हिंदू परंपरा में विशेष महत्व है। इन पर्वों के साथ जुड़े व्रत और पूजा-अनुष्ठान भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना से किए जाते हैं।
🔹 वट सावित्री व्रत — 16 मई 2026
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं।
🔹 शनि जयंती — 16 मई 2026
शनि जयंती भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन शनि मंदिरों में विशेष पूजा, तेल चढ़ाना और दान-पुण्य किया जाता है। श्रद्धालु शनि मंत्र का जप करते हैं और गरीबों को दान देते हैं।
🔹 गंगा दशहरा — 25 मई 2026
गंगा दशहरा माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है। इस दिन गंगा घाटों पर विशेष पूजा और स्नान किया जाता है।
🔹 कूर्म जयंती — 1 मई 2026
कूर्म जयंती भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से संबंधित है। यह अवतार समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा हुआ है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
🔹 नारद जयंती — 2 मई 2026
नारद जयंती देवर्षि नारद की स्मृति में मनाई जाती है। नारद मुनि को भगवान विष्णु का परम भक्त और देवताओं के दूत के रूप में जाना जाता है।
मई 2026 की महत्वपूर्ण तिथियों का समय
नोट: तिथि समय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है। सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग देखना चाहिए।
🔹 वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा)
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ — 30 अप्रैल 2026, रात्रि लगभग 11:20 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त — 1 मई 2026, रात्रि लगभग 08:10 बजे
🔹 ज्येष्ठ अमावस्या
- अमावस्या तिथि प्रारंभ — 15 मई 2026, दोपहर लगभग 01:05 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त — 16 मई 2026, दोपहर लगभग 03:45 बजे
🔹 पद्मिनी एकादशी
- एकादशी तिथि प्रारंभ — 26 मई 2026, रात्रि लगभग 10:50 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त — 27 मई 2026, रात्रि लगभग 09:15 बजे
मई 2026 के क्षेत्रीय पर्व
भारत के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में कुछ पर्व विशेष रूप से मनाए जाते हैं। इसलिए मई 2026 में कुछ ऐसे क्षेत्रीय उत्सव भी होंगे जिनका स्थानीय सांस्कृतिक महत्व है।
🔹 टैगोर जयंती
रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के क्षेत्रों में मनाई जाती है। इस दिन महान कवि, लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि दी जाती है। विद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थानों में साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
🔹 चित्तर पूर्णिमा
चित्तर पूर्णिमा मुख्य रूप से तमिलनाडु और दक्षिण भारत में मनाई जाती है। यह वैशाख पूर्णिमा के दिन पड़ती है और भगवान चित्रगुप्त की पूजा से जुड़ी हुई मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
🔹 अग्नि नक्षत्र
दक्षिण भारत में अग्नि नक्षत्र काल को गर्मी के विशेष समय के रूप में माना जाता है। इस अवधि में कई धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं और मंदिरों में विशेष पूजा आयोजित की जाती है।
इन क्षेत्रीय पर्वों के कारण मई 2026 का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
मई 2026 में बैंक और सार्वजनिक अवकाश
मई 2026 में धार्मिक पर्वों के साथ कुछ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस भी आते हैं, जिनका प्रभाव सरकारी और बैंक अवकाश पर पड़ सकता है। हालांकि भारत में बैंक अवकाश राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, फिर भी कुछ तिथियाँ व्यापक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
| तिथि | दिवस | अवसर |
|---|---|---|
| 1 मई 2026 | शुक्रवार | मजदूर दिवस (May Day) |
| 1 मई 2026 | शुक्रवार | बुद्ध पूर्णिमा (कुछ राज्यों में अवकाश) |
| 10 मई 2026 | रविवार | मातृ दिवस |
| 31 मई 2026 | रविवार | विश्व तंबाकू निषेध दिवस |
मजदूर दिवस के अवसर पर कई राज्यों में सरकारी कार्यालय, बैंक और शैक्षणिक संस्थान बंद रहते हैं। बुद्ध पूर्णिमा के कारण भी कुछ राज्यों में स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है।
मातृ दिवस और विश्व तंबाकू निषेध दिवस औपचारिक सरकारी अवकाश नहीं हैं, लेकिन सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर माने जाते हैं।
यदि किसी राज्य में विशेष धार्मिक पर्व के कारण अतिरिक्त अवकाश घोषित किया जाता है, तो उसकी जानकारी राज्य सरकार की आधिकारिक अधिसूचना से प्राप्त की जा सकती है।
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❓ मई 2026 कैलेंडर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मई 2026 में बुद्ध पूर्णिमा कब है?
उत्तर: मई 2026 में बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जाएगी। यह वैशाख पूर्णिमा के दिन पड़ती है और भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ी पवित्र तिथि मानी जाती है।
प्रश्न 2: मई 2026 में अपरा एकादशी कब है?
उत्तर: अपरा एकादशी 13 मई 2026 को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
प्रश्न 3: मई 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या कब है?
उत्तर: ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई 2026 को पड़ेगी। इस दिन पितृ तर्पण, दान और धार्मिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है।
प्रश्न 4: मई 2026 में वट सावित्री व्रत कब है?
उत्तर: वट सावित्री व्रत 16 मई 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाएगा। यह व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।
प्रश्न 5: मई 2026 में गंगा दशहरा कब है?
उत्तर: गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है।
प्रश्न 6: मई 2026 में पद्मिनी एकादशी कब है?
उत्तर: पद्मिनी एकादशी 27 मई 2026 को पड़ रही है। यह अधिक मास में आने वाली विशेष एकादशी मानी जाती है और इसका व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
प्रश्न 7: मई 2026 में अधिक मास कब से शुरू होगा?
उत्तर: अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई 2026 से प्रारंभ होगा। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, जप और दान का विशेष महत्व माना जाता है।
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यदि आप पूरे वर्ष के सभी व्रत और त्यौहार की जानकारी देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लेख में 2026 के सभी प्रमुख धार्मिक पर्वों की सूची उपलब्ध है।
इन लेखों के माध्यम से आप पूरे वर्ष के प्रमुख व्रत, एकादशी, पूर्णिमा और अन्य महत्वपूर्ण पर्वों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

Suman Kumar भारतीय संस्कृति, धर्म, व्रत-त्योहार और सनातन परंपराओं पर शोध आधारित लेख लिखते हैं।
SanskritiSaar के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान को सरल हिंदी में प्रस्तुत करते हैं।


