सरस्वती पूजा विधि
धार्मिक ज्ञान

सरस्वती पूजा विधि : बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की पूजा – संपूर्ण विधान

सरस्वती पूजा विधि बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की आराधना का पूर्ण विधान है। इस दिन ज्ञान, विद्या, कला और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती की पूजा कर पढ़ाई, समझ और विवेक की कामना की जाती है। यह पूजा विशेष रूप से बच्चों, विद्यार्थियों और कलाकारों से जुड़ी मानी जाती है। भूमिका (Introduction) सरस्वती […]

पौष पूर्णिमा पर स्नान, दान और आध्यात्मिक शुद्धि
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पौष पूर्णिमा व्रत: स्नान, दान और आत्मशुद्धि का पावन पर्व

भूमिका (Introduction) पौष पूर्णिमा व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार पौष मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। शीत ऋतु के मध्य आने वाला यह व्रत स्नान, दान, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। पूर्णिमा का चंद्रमा जहाँ मन की शांति और संतुलन का संकेत देता है, वहीं

पुत्रदा एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की पूजा करते श्रद्धालु
धार्मिक ज्ञान

पुत्रदा एकादशी व्रत: कथा, विधि और संपूर्ण महत्व

भूमिका (Introduction) हिंदू धर्म में व्रत-उपवास केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन को संयमित, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बनाने की साधना माने जाते हैं। इन्हीं व्रतों में एकादशी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष में आने वाली एकादशियों में पुत्रदा एकादशी व्रत को विशेष फलदायी माना गया है। यह व्रत संतान-सुख, पारिवारिक स्थिरता और

मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान
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मौनी अमावस्या: महत्व, स्नान-दान, मौन व्रत और आध्यात्मिक अर्थ

भूमिका (Introduction) हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि का विशेष स्थान है, क्योंकि यह आत्मचिंतन, संयम और साधना का अवसर प्रदान करती है। मौनी अमावस्या भारतीय संस्कृति में आत्मसंयम, शांति और साधना का विशेष पर्व मानी जाती है। अमावस्या के दिनों में चंद्रमा दिखाई नहीं देता, इसलिए यह समय भीतर की यात्रा का प्रतीक माना गया

सकट चौथ 2026
धार्मिक ज्ञान

सकट चौथ 2026: तिथि, कथा, विधि और संपूर्ण महत्व

भूमिका (Introduction) भारतीय सनातन परंपरा में व्रत और उपवास केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं माने गए हैं, बल्कि उन्हें परिवार, समाज और जीवन-संतुलन से जुड़ा एक गहन आध्यात्मिक अभ्यास माना गया है। ऐसे ही व्रतों में सकट चौथ का विशेष स्थान है। यह व्रत मुख्यतः माताओं द्वारा संतान की रक्षा, स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए किया

सफला एकादशी व्रत
धार्मिक ज्ञान

सफला एकादशी व्रत: कथा, विधि और महत्व

भूमिका (Introduction) हिंदू धर्म में व्रत और उपवास को केवल परंपरा या कर्मकांड नहीं माना गया है, बल्कि इन्हें आत्मसंयम, आत्मशुद्धि और जीवन को सही दिशा देने का प्रभावी साधन कहा गया है। व्रत मनुष्य के भीतर अनुशासन, धैर्य और सात्विकता का विकास करते हैं। इन्हीं व्रतों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है सफला एकादशी

मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
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मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व: सूर्य उपासना, दान और पुण्य का पर्व

भूमिका मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व भारतीय परंपरा में अत्यंत गहरा और व्यापक है। यह पर्व केवल तिथि या उत्सव भर नहीं, बल्कि सूर्य, समय और धर्म के आपसी संबंध को समझने का अवसर देता है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब उसे विशेष पुण्यकाल माना गया है। इसी कारण मकर संक्रांति

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