बसंत पंचमी 2026 पर माँ सरस्वती की पूजा
हिन्दू त्योहार

बसंत पंचमी 2026: तिथि, शहर-वार शुभ मुहूर्त, सरस्वती पूजा विधि और संपूर्ण पंचांग जानकारी

बसंत पंचमी 2026 कब है? 23 जनवरी को सरस्वती पूजा का सही समय, शहर-वार शुभ मुहूर्त, सरल पूजा विधि, विद्यारंभ संस्कार और पंचांग से सत्यापित संपूर्ण जानकारी। बसंत पंचमी 2026 क्या है? बसंत पंचमी हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और शुभ पर्व है, जो प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि […]

भारत के राष्ट्रीय त्योहार – गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती की सम्पूर्ण जानकारी
राष्ट्रीय पर्व

भारत में कितने राष्ट्रीय त्योहार हैं? पूरी सूची, तिथि और महत्व

जब भी परीक्षा, निबंध या सामान्य ज्ञान की बात आती है, एक प्रश्न लगभग हर छात्र के मन में आता है —“भारत में राष्ट्रीय त्योहार कितने हैं और कौन-कौन से हैं?” भारत जैसे विविध देश में जहाँ हर महीने कोई न कोई पर्व मनाया जाता है, वहाँ राष्ट्रीय त्योहारों को समझना बहुत ज़रूरी हो जाता

सम्पूर्ण एकादशी 2026 कैलेंडर जिसमें सभी 24 एकादशी की तिथि, पारण समय और व्रत नियम पंचांग अनुसार दिखाए गए हैं
धार्मिक ज्ञान

Ekadashi 2026 Complete Calendar: सभी 24 एकादशी तिथि, पारण समय, व्रत नियम | पंचांग अनुसार

Ekadashi 2026 Complete Calendar: एकादशी हिन्दू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि होती है, जो प्रत्येक माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आती है। इस प्रकार वर्ष 2026 में कुल 24 एकादशी होंगी। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इसे संयम, आत्मशुद्धि और पुण्य प्राप्ति का साधन कहा गया है। इस व्रत

क्रिश्चियन त्योहार 2026 – इतिहास और प्रमुख तिथियाँ
अन्य धर्मों के त्योहार

क्रिश्चियन त्योहारों की सम्पूर्ण जानकारी: इतिहास, धार्मिक महत्व और 2026 की तिथियाँ

क्रिश्चियन त्योहार ईसाई धर्म से जुड़े वे पर्व हैं जो ईसा मसीह के जीवन, बलिदान और पुनरुत्थान की स्मृति में मनाए जाते हैं। वर्ष 2026 में क्रिसमस, ईस्टर, गुड फ्राइडे और पेंटेकोस्ट प्रमुख क्रिश्चियन त्योहार हैं। प्रस्तावना: क्रिश्चियन त्योहारों का महत्व और संदर्भ क्रिश्चियन त्योहार ईसाई धर्म की धार्मिक परंपरा, ऐतिहासिक विकास और सामाजिक पहचान

भारतीय लोक संस्कृति का ग्रामीण जीवन दर्शाता चित्र
लोक संस्कृति

लोक संस्कृति क्या है? 7 शक्तिशाली तथ्य, परिभाषा, प्रकार, उदाहरण और महत्व

लोक संस्कृति भारतीय समाज की आत्मा है, जो सामान्य लोगों के जीवन, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ी होती है। यह संस्कृति लोक नृत्य, लोक कला, लोक संगीत और रीति-रिवाजों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती है। भारतीय लोक संस्कृति न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और परंपरागत ज्ञान का

जया एकादशी 2026 भगवान विष्णु पूजा
व्रत और नियम

जया एकादशी 2026: तिथि, व्रत विधि, कथा, पारण समय और सम्पूर्ण जानकारी

जया एकादशी 2026 की सही तिथि क्या है? व्रत कब रखें, पारण समय, पूजा विधि, कथा और लाभ सरल हिंदी में जानें। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें। जया एकादशी क्या है? हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। वर्ष में आने वाली सभी एकादशियों में जया एकादशी का विशेष महत्व

विजया एकादशी 2026
व्रत और नियम

विजया एकादशी 2026: तिथि, पारण समय, व्रत विधि, कथा और विजय का वास्तविक अर्थ

विजया एकादशी 2026 शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे शुरू होकर 13 फरवरी 2026 को 2:25 बजे समाप्त होगी। व्रत का पारण 14 फरवरी 2026 (शनिवार) को सुबह 7:00 से 9:14 बजे तक करना शुभ माना गया है। विजया एकादशी क्या है और इसे विशेष

रमज़ान में रोज़ा क्यों रखा जाता है
अन्य धर्मों के त्योहार

रमज़ान में रोज़ा क्यों रखा जाता है? धार्मिक और सामाजिक महत्व

रमज़ान में रोज़ा इसलिए रखा जाता है क्योंकि यह इस्लाम में आत्म-संयम, ईश्वर-भक्ति और इंसानियत का अभ्यास माना गया है। यह केवल भूखा रहने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मन और व्यवहार को शुद्ध करने का माध्यम है। रमज़ान क्या है? रमज़ान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना इस्लामिक (हिजरी) कैलेंडर

महाशिवरात्रि 2026
व्रत और नियम

Maha Shivratri 2026: तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत का संपूर्ण पारंपरिक मार्गदर्शन

Maha Shivratri 2026 रविवार, 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा, व्रत और रात्रि जागरण का महत्व माना जाता है। निशिता-काल की पूजा 16 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि में की जाती है। महाशिवरात्रि क्या है? महाशिवरात्रि

भीष्म अष्टमी 2026
व्रत और नियम

भीष्म अष्टमी 2026: तिथि, समय, महत्व, पूजा विधि और पितृ तर्पण

भीष्म अष्टमी 2026 माघ शुक्ल अष्टमी की वह पवित्र तिथि है जब महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह ने उत्तरायण काल में देह त्याग किया। यह दिन केवल धार्मिक कर्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि पितरों की स्मृति, जीवन में निभाए गए वचनों और इंसान के कर्तव्यबोध को समझने का अवसर देता है। भीष्म अष्टमी

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