फाल्गुन पूर्णिमा 2026 की तिथि, व्रत विधि और होली से जुड़ा धार्मिक महत्व दर्शाती तस्वीर
व्रत और नियम

फाल्गुन पूर्णिमा 2026: तिथि, महत्व, व्रत विधि और होली से संबंध | हिंदी में

फाल्गुन पूर्णिमा 2026 केवल एक पंचांग तिथि नहीं, बल्कि भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। यही वह तिथि है, जिस पर होलिका दहन होता है और जिसके बाद रंगों की होली का उल्लास पूरे देश में दिखाई देता है। शीत ऋतु के अंत और वसंत ऋतु के आगमन से जुड़ी यह पूर्णिमा […]

होली 2026: तारीख, शुभ मुहूर्त और रंगों का पर्व
हिन्दू त्योहार

होली 2026: तारीख, शुभ मुहूर्त, होलिका दहन, रंगों का महत्व

होली 2026 कब है? हर साल की तरह इस बार भी लाखों लोग Google पर यही सवाल खोज रहे हैं। वजह साफ है—होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि तिथि, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और धार्मिक नियमों से जुड़ा पर्व है। होली 2026 में कब होलिका दहन होगा, रंगों की होली किस दिन खेली जाएगी,

गुप्त युग भारत का स्वर्ण युग चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में
इतिहास और विरासत

गुप्त युग को भारत का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है? पूरा इतिहास सरल हिंदी में

गुप्त युग भारतीय इतिहास का वह काल था, जब भारत ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, कला, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की। चंद्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय के शासन में स्थापित स्थिरता के कारण इस काल को भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है। इस लेख में क्या जानेंगे ✔️ गुप्त वंश का

मौर्य साम्राज्य का इतिहास चंद्रगुप्त मौर्य से सम्राट अशोक तक
इतिहास और विरासत

मौर्य साम्राज्य का इतिहास: चंद्रगुप्त मौर्य से अशोक तक 12 महत्वपूर्ण तथ्य

मौर्य साम्राज्य प्राचीन भारत का पहला विशाल और संगठित साम्राज्य था, जिसकी स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने की। बिंदुसार और सम्राट अशोक के शासन में यह साम्राज्य अपने चरम पर पहुँचा। इसकी प्रशासनिक व्यवस्था और अशोक की धम्म नीति ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ⬇️ नीचे स्क्रॉल करें और मौर्य साम्राज्य की पूरी

एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि भगवान विष्णु की पूजा के साथ
धार्मिक ज्ञान

एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि – जानिए सही नियम, कथा और सरल तरीका

Complete Guide to Ekadashi Vrat: Katha, Puja Vidhi, Rules & Benefits एकादशी व्रत क्या है? एकादशी व्रत हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और अनुशासन-आधारित व्रत माना जाता है, जो मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत केवल उपवास या नियमों का पालन नहीं है, बल्कि मन, विचार और इंद्रियों को संयम

महाशिवरात्रि व्रत कथा – Shivratri Vrat Katha in Hindi
धार्मिक ज्ञान

महाशिवरात्रि व्रत कथा | Shivratri Vrat Katha | पौराणिक कथा हिंदी

महाशिवरात्रि व्रत की प्रामाणिक पौराणिक कथा पढ़ें। शिकारी और हिरणों की कथा से जानें शिवरात्रि व्रत का सच्चा महत्व और फल। प्राचीन काल में चित्रभानु नाम का एक शिकारी रहता था। वह जंगल में पशुओं का शिकार कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। जीवन की कठिनाइयों के कारण वह एक साहूकार से ऋण लेकर

महाशिवरात्रि व्रत कथा और पूजा विधि भगवान शिव की पूजा के साथ
धार्मिक ज्ञान

महाशिवरात्रि व्रत कथा और पूजा विधि – सरल, सही और संपूर्ण मार्गदर्शिका

महाशिवरात्रि व्रत कथा और पूजा विधि की पूरी जानकारी। जानें सही पूजा विधि, नियम, कथा, सामग्री और व्रत का महत्व – सरल हिंदी में। महाशिवरात्रि क्या है? महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह पर्व केवल एक तिथि या उत्सव नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन,

संपूर्ण सत्यनारायण व्रत कथा और पूजा विधि – भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप
धार्मिक ज्ञान

श्री सत्यनारायण व्रत कथा | Satyanarayan Vrat Katha in Hindi

Satyanarayan Vrat Katha: भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की कथा है, जिसे व्रत और पूजा के साथ पढ़ा या सुना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पूर्णिमा, गुरुवार या किसी शुभ अवसर पर किया जाता है। श्रद्धा से कथा सुनने या पढ़ने मात्र से भी सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। सत्यनारायण

सत्यनारायण व्रत कथा और पूजा विधि
धार्मिक ज्ञान

सत्यनारायण व्रत कैसे करें – पूरा नियम, कथा, सामग्री एवं फल

सत्यनारायण व्रत कथा, पूजा विधि, सामग्री सूची, नियम, आरती और व्रत का महत्व – सरल और शुद्ध हिंदी में संपूर्ण जानकारी। सत्यनारायण व्रत क्या है? सत्यनारायण व्रत हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत लोकप्रिय, सरल और श्रद्धा-प्रधान व्रत माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों द्वारा किया जाता है,

भारतीय धर्म: भारत में विभिन्न धर्मों की धार्मिक विविधता
इतिहास और विरासत

भारतीय धर्म: इतिहास, सभी प्रमुख धर्मों की सूची और भारतीय समाज पर उनका प्रभाव

भारत में सनातन (हिन्दू), बौद्ध, जैन, सिख, इस्लाम, ईसाई, यहूदी, पारसी, बहाई तथा आदिवासी धार्मिक परंपराएँ पाई जाती हैं। इन सभी धर्मों का भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। परिचय: भारत को “धर्मों की भूमि” क्यों कहा जाता है? भारत को प्राचीन काल से ही “धर्मों की भूमि” कहा

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