Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana Kalash with coconut, mango leaves, barley and diya in home temple setting
व्रत और नियम

Chaitra Navratri 2026 कब शुरू होगी? जानें सही तिथि और समय

Chaitra Navratri 2026 19 मार्च (गुरुवार) से शुरू होगी और 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। घटस्थापना 19 मार्च को प्रातः शुभ मुहूर्त में की जाएगी। यदि आप 19 या 20 मार्च को लेकर भ्रम में हैं, तो पंचांग के अनुसार 19 मार्च ही सही तिथि है। Chaitra Navratri 2026 की सही […]

ब्रज की होली 2026 – लठमार और फूलों की होली
धार्मिक ज्ञान

ब्रज की होली 2026 क्यों है अनोखी? लट्ठमार, फूलों व भक्ति-लीला की पूर्ण कहानी

ब्रज की होली भारत की सबसे प्रसिद्ध, आध्यात्मिक और अलौकिक होली मानी जाती है, जो उत्तर प्रदेश के पावन क्षेत्र ब्रज में बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण और राधारानी की दिव्य प्रेम-लीलाओं का जीवंत उत्सव है। ब्रज की होली कई दिनों तक चलती

Rangwali Holi 2026 4 मार्च रंगों की होली का उत्सव
हिन्दू त्योहार

Rangwali Holi 2026 कब है? रंगों की होली की सही तारीख और शुभ समय

Rangwali Holi 2026 4 मार्च (बुधवार) को मनाई जाएगी। होलिका दहन 2 मार्च को होगा और उसके बाद चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में रंगों की होली खेली जाती है। यदि आप 3 मार्च और 4 मार्च को लेकर भ्रम में हैं, तो पंचांग के अनुसार रंगवाली होली 4 मार्च को ही प्रमाणित है। यहाँ जानें सही

Holika Dahan 2026 2 मार्च प्रदोष काल में होलिका दहन की अग्नि
धार्मिक ज्ञान

Holika Dahan 2026: 2 या 3 मार्च? जानें प्रमाणित तिथि, शुभ मुहूर्त और भद्रा काल का अंतिम निर्णय

क्या Holika Dahan 2026 2 मार्च को है या 3 मार्च को? पूर्णिमा तिथि दो दिनों में पड़ने के कारण इस वर्ष भ्रम की स्थिति बनी है। परंतु पंचांग गणना और शास्त्रीय नियम स्पष्ट करते हैं कि दहन केवल प्रदोष काल में विद्यमान पूर्णिमा पर किया जाता है। वर्ष 2026 में यह स्थिति 2 मार्च

दिल्ली सल्तनत का इतिहास, कुतुब मीनार और मध्यकालीन शासन का दृश्य
इतिहास और विरासत

दिल्ली सल्तनत का इतिहास: प्रशासन, समाज और पतन के वास्तविक कारण

दिल्ली सल्तनत का इतिहास: दिल्ली सल्तनत मध्यकालीन भारत का वह काल था जिसमें केंद्रीकृत शासन, संगठित प्रशासन और सांस्कृतिक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। 1206 ईस्वी से प्रारंभ यह काल गुलाम, खिलजी और तुगलक वंशों के माध्यम से विकसित हुआ और आगे चलकर मुगल काल की नींव बना। इस लेख में आप जानेंगे:✔️ दिल्ली सल्तनत

Amalaki Ekadashi 2026 पर आंवला वृक्ष की पूजा
व्रत और नियम

Amalaki Ekadashi 2026 कब है? इस पावन दिन करें यह खास पूजा, जीवन में आएगा सुख और समृद्धि

Amalaki Ekadashi 2026 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है और भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन आंवला (आमलकी) वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। यह केवल एक व्रत तिथि नहीं, बल्कि संयम, श्रद्धा और आध्यात्मिक शुद्धि का अवसर है। यदि आप

Easter Sunday 2026 पर यीशु मसीह के पुनरुत्थान का संदेश और आशा का प्रतीक
अन्य धर्मों के त्योहार

Easter Sunday 2026: तिथि, महत्व, इतिहास और पुनरुत्थान का अर्थ

Easter Sunday 2026, 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को मनाया जाएगा। यह दिन यीशु मसीह के पुनरुत्थान का प्रतीक है और ईसाई धर्म में आशा, जीवन और नई शुरुआत का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। 👉 अब समझिए — Good Friday के बाद ही Easter क्यों आता है? Easter Sunday 2026: यह दिन ईसाइयों के

फुलेरा दूज 2026 ब्रज में होली की पहली गुलाल – 19 फरवरी, शुभ तिथि और विवाह योग
धार्मिक ज्ञान

फुलेरा दूज 2026: ब्रज में होली की पहली गुलाल कब? जानिए तिथि, मुहूर्त और विवाह योग

ब्रज में होली एक दिन में शुरू नहीं होती। उसकी पहली गुलाल उड़ती है — फुलेरा दूज से। यदि आप जानना चाहते हैं कि फुलेरा दूज 2026 कब है, इसका सही पंचांग क्या है, क्या यह सच में अबूझ मुहूर्त है, और विवाह के लिए कितना शुभ है, तो यह विस्तृत और प्रमाणित मार्गदर्शिका आपके

Good Friday 2026 पर यीशु मसीह का बलिदान और क्रूस का धार्मिक महत्व
अन्य धर्मों के त्योहार

Good Friday 2026: तिथि, महत्व और यह दिन “Good” क्यों कहलाता है?

Good Friday 2026 सिर्फ एक तारीख नहीं है—जानिए यह दिन “Good” क्यों कहलाता है और इसका असली अर्थ क्या है। Good Friday ईसाइयों के लिए इतना पवित्र क्यों है और आज भी हमें क्या सिखाता है? Good Friday ईसाई धर्म का ऐसा दिन है, जो शांति, मौन और गहन आत्म-चिंतन से जुड़ा हुआ है। यह

Festivals in India 2026 Hindu Calendar with dates
हिन्दू त्योहार

भारत के सभी त्योहार 2026: जनवरी से दिसंबर तक पूरी लिस्ट | Festivals Calendar 2026 India

भारत में त्योहार सिर्फ तारीखें नहीं होते, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा होते हैं। हर महीना किसी न किसी व्रत, जयंती, पर्व या शुभ मुहूर्त के साथ जुड़ा रहता है—और यही वजह है कि एक सटीक, पंचांग-आधारित और पूरे साल का कैलेंडर हर परिवार के लिए जरूरी बन जाता है।

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